साइबर अपराध से जुड़ी हर समस्या का समाधान करेगा साइबर क्लब
03-01-2026 05:33:51 PM
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा का बड़ा कदम: साइबर क्लब का बहुआयामी विस्तार
साइबर जागरूकता के साथ अब निःशुल्क तकनीकी, विधिक व मनोवैज्ञानिक परामर्श भी
हर विभाग में तैनात होंगे साइबर वालेंटियर्स, देंगे साइबर सुरक्षा संदेश
जौनपुर। डिजिटल दुनिया तेजी से बदल रही है और इस बदलाव के बीच बढ़ते साइबर अपराध चुनौती बन चुके है। इसी को ध्यान में रखते हुए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। विश्वविद्यालय में सुरक्षित डिजिटल वातावरण के लिए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विश्वविद्यालय के साइबर क्लब का विस्तार किया है। यह क्लब साइबर जागरूकता के साथ ही साइबर अपराध होने पर तकनीकी, विधिक और मनोवैज्ञानिक परामर्श भी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को निःशुल्क मुहैया करा रहा है।
विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति में डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर को पुनः नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। डॉ. अन्नू त्यागी सह नोडल अधिकारी एवं काउंसलर, डॉ. राहुल राय विधि परामर्शदाता और सत्यम उपाध्याय तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में शामिल हैं। यह टीम मिलकर साइबर अपराध की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा के लिए काम करेगी।साइबर क्लब जागरूकता कार्यक्रम के साथ ही मनोवैज्ञानिक परामर्श, विधिक और तकनीकी सहायता भी देगा, ताकि कोई भी विद्यार्थी या कर्मचारी अकेला महसूस न करे।
समिति ने ऑनलाइन बैठक कर विभागवार साइबर वॉलिंटियर्स नेटवर्क के जरिए नियमित डिजिटल संदेश भेजकर सभी विद्यार्थियों को निरंतर साइबर जागरूक करने का निर्णय लिया है।
नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने बताया कि साइबर अपराध से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए साइबर क्लब द्वारा त्रि-स्तरीय सहायता मॉडल पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया गया है। इस मॉडल के अंतर्गत तकनीकी स्तर पर साइबर अपराध से संबंधित तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान,
कानूनी स्तर पर पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने में सहायता तथा विधिक मार्गदर्शन एवं मानसिक स्तर पर साइबर अपराध से उत्पन्न तनाव, भय एवं मानसिक आघात से उबरने हेतु निःशुल्क मनोवैज्ञानिक परामर्श की व्यवस्था है।
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