डिजिटल दौर में पत्रकारिता के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी: बृजेश सिंह
13-08-2026 02:24:28 PM
डिजिटल दौर में पत्रकारिता के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी: बृजेश सिंह
मीडिया के बदलते दौर में मल्टी-स्किल पत्रकारिता जरूरी
बृजेश सिंह ने विद्यार्थियों को बताए लेखन और कैमरा फेसिंग के गुर
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों और मीडिया के बदलते स्वरूप पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। विभाग के पूर्व विद्यार्थी एवं इंडिया वॉइस चैनल के पूर्व प्रमुख, लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार बृजेश सिंह ने विद्यार्थियों को पत्रकारिता के बदलते दौर में तकनीकी दक्षता, लेखन, बोलने की कला और कैमरे के सामने प्रभावी प्रस्तुति के महत्व के बारे में जानकारी दी।
व्याख्यान में बृजेश सिंह ने कहा कि एक समय पत्रकारिता मुख्य रूप से अखबारों और फिर टेलीविजन तक सीमित थी। उस दौर में डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार नहीं था और प्रशिक्षण के अवसर भी सीमित थे। आज मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल चुका है। डिजिटल मीडिया में गुणवत्तापूर्ण कंटेंट तैयार करने वाले प्रतिभाशाली लोगों की मांग बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में मीडिया संस्थानों को मल्टी-स्किल प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है। पहले जिस काम को करने के लिए चार लोगों की जरूरत होती थी, आज तकनीक के कारण कई काम एक ही व्यक्ति को करने पड़ रहे हैं। इसलिए पत्रकारिता के विद्यार्थियों को लेखन, बोलने, कैमरा फेसिंग, वीडियो निर्माण और डिजिटल कंटेंट तैयार करने सहित विभिन्न कौशलों में दक्ष होना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को लेखन की बारीकियां समझाते हुए कहा कि बोलना आसान है, लेकिन लिखना कठिन है। पत्रकारिता में अच्छे लेखन के लिए निरंतर अभ्यास आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने लिखे हुए कंटेंट को बार-बार पढ़ना चाहिए और उसमें आवश्यक सुधार एवं संपादन करना चाहिए। जितना अधिक व्यक्ति अपने लेखन और प्रस्तुति पर काम करेगा, पत्रकारिता की राह उतनी ही आसान होती जाएगी।
बृजेश सिंह ने जनसंचार विभाग के ऑडियो-विजुअल स्टूडियो में विद्यार्थियों को साक्षात्कार लेने की तकनीक तथा कैमरे को फेस करने के गुर भी बताए। उन्होंने व्यावहारिक रूप से समझाया कि इंटरव्यू लेते समय पत्रकार के भीतर आत्मविश्वास होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल पूछने के तरीके, बॉडी लैंग्वेज और कैमरे के सामने सहज रहने की तकनीक के बारे में भी जानकारी दी।
जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने प्रायोगिक तौर पर टेलीविजन इंटरव्यू की तकनीक समझाई। उन्होंने विद्यार्थियों को कैमरे के सामने सहज रहने, प्रभावी ढंग से सवाल पूछने और साक्षात्कार को स्वाभाविक संवाद में बदलने की तकनीक बताई।
उन्होंने कहा कि यदि किसी पत्रकार के पास बेहतर कंटेंट और उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता है तो डिजिटल मीडिया में उसके लिए अवसर और पहचान दोनों हैं। विद्यार्थियों को बदलती तकनीक को चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखना चाहिए। पत्रकारिता के पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखते हुए नई तकनीकों को अपनाकर विद्यार्थी स्वयं को भविष्य के मीडिया के लिए तैयार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने वरिष्ठ पत्रकार बृजेश सिंह का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया तथा संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डॉ. चन्दन सिंह, डॉ. अमित मिश्र, आनंद सिंह, पंकज सिंह समेत विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
Leave a Reply
अपना कमेंट लिखें। कॉमेंट में किसी भी तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग न करें। *








